इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में आयी खराबी, कोरोना से मरनेवालों को मैन्युअली किया जा रहा है अंतिम संस्कार ….

राँची : झारखंड की राजधानी रांची में बढ़ते कोरोना संक्रमण अपना पैर पसार चुका है।  आए दिन कई करोना के पेशेंट मिल रहे हैं,  कई अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है।  कई मरीजों को अस्पताल में एडमिट होने के लिए कई घंटों तक अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में ही रहना पड़ रहा है । रांची मे बढ़ते कोरोनावायरस को देखते हुए झारखंड सरकार ने रांची के सदर अस्पताल को पूरा करोना वार्ड बना दिया गया है। संक्रमित से मरने वाले व्यक्ति को भी मुक्तिधाम में लाइन लगाना पड़ रहा है स्थिति यह है कि रविवार को हरमू मुक्तिधाम में इलेक्ट्रिक द्वारा दाह संस्कार करने वाली मशीन खराब होने की वजह से हरमू मुक्तिधाम में चिता जलाने के लिए भी जगह कम पड़ रहा था,  जिसके कारण मृतकों के दाह संस्कार नामकुम स्थित घाघरा में सामूहिक चिता जलाकर किया जा रहा है और आज की बात करें तो , नामकुम स्थित घाघरा नदी के किनारे भी कई एंबुलेंस जो शव लेकर नदी के किनारे खड़े दिखे। दाह संस्कार करने के लिए भी लाइन में लगना पड़ रहा है रांची के शवदाह गृहों की स्थिति काफी ही भयावह बनती जा रही है। 


वही देर शाम नगर आयुक्त मुकेश कुमार नोडल पदाधिकारी आदित्य रंजन तथा अनुमंडल पदाधिकारी, रांची सदर उत्कर्ष गुप्ता ने घाघरा स्थित स्वर्णरेखा घाट पहुंचकर उन्होंने अंतिम संस्कार के कार्यों का निरीक्षण किया। और वहां मौजूद नगर निगम के कर्मियों को जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कोविड -19 प्रोटोकॉल के अनुरूप अंतिम संस्कार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

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