दोस्त को मारने के बाद परिवार को मारना चाहता था दीपक,हो गया नाकामयाब परिवार से भी हाथ धो बैठा,गया जेल |

कदमा हत्याकांड के आरोपी दीपक के गिरफ्तरी के बाद जिला पुलिस ने उद्भेदन करते हुए बताया कि आरोपी का मुख्य उद्देश्य अपने दोस्तों की हत्या करना था जिसको लेकर ही उसने पहले अपने पूरे परिवार की हत्या कर दी लेकिन वह अपने साजिश में कामयाब नहीं हो पाया । घटना 12 अप्रैल को कदमा थाना अंतर्गत तिसका रोड में घटित हुई जहां टाटा स्टील के फायर ब्रिगेड कर्मचारी दीपक कुमार ने अपनी पत्नी दोनों बच्चे और ट्यूशन पढ़ाने आयी शिक्षिका की हथौड़ा से मारकर हत्या कर दी थी वहीअपने दोस्त के परिवार पर भी हमला किया था उसके बाद अपने बुलेट मोटरसाइकिल लेकर से फरार हो गया जिसके बाद जिला पुलिस ने टेक्निकल सेल की मदद से उसे धनबाद में धर दबोचा गया ।घटना का उद्भेदन करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ तमिल वणन ने प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी दीपक से पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कि है उसका उद्देश्य परिवार को मारना नहीं था बल्कि व्यवसाई में उसका दोस्त प्रभु और रोशन द्वारा छल करने और लाखों रुपया हड़प लेने के कारण उसकी हत्या कर देना था| जिससे परिवार किसी प्रकार के मुसीबत में ना आ जाए उसके बाद परिवार की हत्या करना था लेकिन उसने 11 मार्च को रात भर वेबसिरिज देखने के बाद सुबह 12 मार्च को 8:00 बजे सबसे पहले उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी उसके बाद दोनों बच्चों को सोए हालत में हथोड़ा से मारकर हत्या की|

उसके बाद उसने नहा कर अपने ससुराल गया और पत्नी के जेवरात लेकर सोनार से पैसे लिये और फिर वह अपने घर पहुंचा जहां टीयूशन टीचर रोजाना की तरह घर आई हुई थी| उसने चाकू के बल पर उसकी स्कूटी और टीचर को बंधक बना लिया और एक कमरे में टेप से हाथ और मुंह बांधकर रखा|इसी बीच टीचर को हत्या की जानकारी होने पर वह चिल्लाने लगी जिस पर दीपक ने उसकी भी हत्या कर दी और हत्या के बाद उसके साथ उसने दुष्कर्म भी किया इस घटना के बाद पहले से तय कार्यक्रम के तहत उसने अपने मित्र रोशन को परिवार के साथ बुलाया लेकिन उसके साथ उसका साला अंकित भी आ चुका था जिसके वजह से हमला करने के बावजूद उन लोगों की हत्या नहीं कर सका।अगर वह हत्या करने में सफल हो जाता तो उसकी साजिश थी कि शाम में प्रभु के साथ शराब का सेवन करेगा और फिर उसकी भी हत्या कर वह फरार हो जाएगा लेकिन इसी बीच वह इस साजिश में कामयाब नहीं हो पाया।घटना के बाद वह शहर छोड़कर सबसे पहले राज नगर होते हुए पूरी जा रहा था रास्ते में ही उसका मोटरसाइकिल खराब हो गया जिसके बाद उसने कार से पूरी गया वहां 2 दिन होटल में रुकने के बाद कार से ही धनबाद पहुंचा जहां वाह एक बैंक में अपने छोटे भाई के अकाउंट में पैसा जमा करने के दौरान जमशेदपुर पुलिस को टेक्निकल सेल के माध्यम से धनबाद में होने की जानकारी मिली जिसके बाद धनबाद पुलिस के सहयोग से उसे कल धर दबोचा जिसमे हुई पूछताछ में हत्याकांड का खुलासा हुआ वैसे पुलिस अभी भी मान रही है कि आरोपी दीपक पूरी सच्चाई बता नहीं पा रहा है| फिलहाल पुलिस आरोपी दीपक के बताए हुए घटनाक्रम के आधार पर ही उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उसे कड़ी से कड़ी कठोर सजा दिलाने के पहल पर जुट गई है।

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