बागबेड़ा निवासी बबलू रजक का शव पुलिस ने कुएं से बरामद कर लिया है।

पिछले 5 दिनों से कुएं में गिरे बागबेड़ा निवासी बबलू रजक का शव पुलिस ने कुएं से बरामद कर लिया है पिछले 6 जनवरी को बबलू बागबेड़ा थाना अंतर्गत महुआ गली स्थित कुएं में गिर गया था हालांकि पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है

मिली जानकारी के अनुसार बबलू रजक बागबेड़ा थाना अंतर्गत बागबेड़ा बस्ती में किराए के मकान पर रह रहा था और बागबेड़ा थाना प्रभारी के बॉडीगार्ड के घर पर कार्य कर रहा था, पिछले 6 जनवरी को बागबेड़ा थाना अंतर्गत रेल एसपी के कार्यालय के पीछे कुएं में बबलू रजक के डूबने की सूचना स्थानीय लोगों ने बागबेड़ा पुलिस को दी, जिसके बाद से लगातार गोताखोरों की मदद से बबलू के शव को निकालने का प्रयास किया गया पर बबलू का शव नहीं मिल पाया था आज सुबह कुएं में बबलू के तैरते हुए शव की जानकारी पुलिस को हुई जहां पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को गोताखोरों की मदद से बाहर निकलवाया गया, मामला हत्या है या फिर आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है क्योंकि बबलू का शव जिस स्थान से पाया गया वह एक सुनसान एरिया है और बबलू के निवास स्थान से लगभग डेढ़ से 2 किलोमीटर की दूरी पर है ऐसे में बबलू वहां क्यों गया, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले में दो से तीन लोगों को हिरासत में भी लिया है जो बबलू की हत्या की तरफ इशारा कर रहा है हालांकि पुलिस ने कहा कि शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू की दी गई हे ।

जमशेदपुर जिला मुख्यालय के समक्ष एपीआई पार्टी के द्वारा एक दिवसीय धारणा दिया गया, इनके द्वारा देश मे होने वाले चुनावों मे इविएम मशीन के बजाये बैलेट पेपर का इस्तेमाल करने की मांग उठाई गई.

इन्होने कहा की इविएम मशीन के माध्यम से चुनावों मे धांधली की जाती है, लोकतंत्र का हनन इविएम मशीन के माध्यम से किया जाता है, इसपर रोक लगनी चाहिए, इन्होने कहा की इनकी पार्टी के द्वारा इसको लेकर देश भर मे आंदोलन किया जा रहा है और इसी के निमित्त जमशेदपुर मे भी यह आंदोलन चलाया जा रहा है, इन्होने कहा की अगर इसपर रोक नहीं लगती है तो इनके द्वारा आगे और उग्र आंदोलन किया जायेगा.

तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ गुरुद्वारा मैनेजमेंट बोर्ड में सिख संगठनों के सदस्यों की संख्या कम करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कड़ा एतराज जताया। इसको लेकर जिला मुख्यालय मे शनिवार कों इनके द्वारा प्रदर्शन किया गया

सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की यह कार्रवाई अत्यंत निंदनीय और सिखों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली है जिसका सीजीपीसी कड़ा विरोध जताया, उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ प्रबंधन बोर्ड के अधिनियम में मनमाने ढंग से संशोधन किया गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नामित सदस्यों की संख्या कम कर दी गई है। महाराष्ट्र सरकार की जुल्म को सहन नहीं किया जाएगा। वहीँ चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह ने भी कड़े शब्दों में सिख विरोधी फैसले की निंदा करते हुए कहा कि सिख पंथ किसी भी कीमत पर अपने पवित्र तीर्थ स्थलों की व्यवस्था में सरकारी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं कर सकता है।

जमशेदपुर के जिला मुख्यालय में विभिन्न ट्रेड यूनियन के द्वारा उपायुक्त के नाम मांग पत्र सौंप कर 16 फरवरी को केंद्र सरकार के खिलाफ होने वाले देश वापी आंदोलन के संबंध में जानकारी दी गई जहा इंटक के प्रदेश अध्यक्ष सहित विभिन्न ट्रेड यूनियन के नेता मौजूद थे

उपायुक्त कार्यालय पहुंचे ट्रेड यूनियन के नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जहा इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पाण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ विभिन्न ट्रेड यूनियन के द्वारा 16 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया गया है जहा पूरे देश के मजदूर 16 फरवरी को सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीति का विरोध करेंगे वही इस आंदोलन को लेकर हम लोगों ने उपायुक्त को पत्राचार कर जानकारी दी है जहा जमशेदपुर में 16 फरवरी को होने वाला आंदोलन ऐतिहासिक रहेगा वही इस आंदोलन में हम संगठित एवं असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के साथ सड़क पर नजर आएंगे

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