लोड़िग मजदुरों नें एसीसी सिमेंट कंपनी झीकपानी के बहार हाथ में थाली और नंग धड़ंग कर किया प्रदर्शन, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम लिखा पत्र,वार्ता कल

चाईबासा।एसीसी सिमेंट कंपनी झीकपानी के गेट के बाहर अपने चार सुत्री मांग को लेकर दुसरे दीन लोड़िग मजदुरों द्वारा हाथ में थाली और नंग धड़ग प्रदर्शन कर बिरोध जताया गया। वहीं लोड़िग मजदुरों नें एसीसी सीमेंट झींकपानी कारखाना में कंपनी प्रबंधन पर हम लोडिंग ठेका मजदूरों के ऊपर अति शोषण , अति दमन कारी किये जाने का भी अरोप लगाया गया साथ ही अपनी मांगों तथा कंपनी प्रबंधन चे द्वारा दमनकारी और शोषण किये जा रहें मामले को लेकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम शिकायत पत्र भी लिखा गया।मजदुरों ने कहा कि एसीसी सीमेंट कारखाना झींकपानी चाईबासा में लगातार दूसरे दिन धारना प्रदर्शन कर रहें हैं । धरना प्रदर्शन नग – धड़ग और थाली लिए कर रहे और अपील कर रहें . कि हमें न्याय दिलया जाए।हम सभी ठेका लोडिग मजदुर एस एन इंटरप्राईजेज के यहाँ पिछले 20 वर्षों से कार्य करते आ रहे हैं , लेकिन अचानक नए बाहरी ठेकेदार से कम्पनी प्रबन्धन कमीशन पाने के लिए काम दिया गया है और हमारे ठेकेदार को 2 फरवरी से गेट पास नहीं देकर हमें काम से बैठाया गया है , और हमारे बदले में बाहर से मजदूरों को लाकर उन्हें कारखाना के अन्दर ही बन्धुवा मजदुर बनाकर सीगेंट लोडिंग का काम करा रहे है । इससे हमारे घर का रोजी रोटी पर संकट आ गया है । एसीसी प्रबधन हमें नए ठेकेदार के यहाँ काम करने को मजबुर कर रही है , लेकिन हमारे पुराना ठेकेदार को बिना वजह और साजिश रचकर हटाने का प्रयास किया जा रहा है । हमारे ठेकेदार का व्यवहार हमारे प्रति नम्र और दुःख के समय आगे रहते हैं , ऐसे में हम दूसरे बाहरी ठेकेदार का बर्दाश्त नहीं करेंगे।कम्पनी प्रबन्धन हमें लिखो और फेकों की
तरह इस्तेमाल कर रही है , जिसका हम विरोध करते है।जो परिवार प्रबधन को सालों साल ईमानदारी से ठेकेदार के रूप में सेवा दिया और उसके साथ इस तरह की निति अपना रहा है तो हम मजदूरों के साथ क्या कर सकता है। इसलिए हम अपने ठेकेदार के धरना प्रदर्शन का समर्थन करते है,और धरना प्रदर्शन पर भाग लिए हुए है, 8 फरवरी को अनुमंडल पदाधिकारी सदर चाईबासा के समक्ष त्रिपक्षीय वार्ता हुई परन्तु वार्ता में ली गई मजदूर हित के फैसला को सहमती पत्र में नहीं जोड़ा गया । इसमें बाहरी मजदूर से कम्पनी में काम नहीं कराकर स्थानीय मजदूरों से कराना और मशीनीकरण से हो रहे पलायन को रोकना था। इस सहमती पत्र में शामिल नहीं किया गया जो दुखद है, कम्पनी प्रबन्धन हमें पिछले एक साल से गुणवत्तापूर्ण कैण्टीन सुविधा नहीं दे रही है , जिससे हम सभी शरीरिक रूप से कमजोर हो रहे है।वहीं दुसरे दीन इस धरना प्रदर्शन को समर्थन देते हुए झारखंड जेनरल कामगार युनियन के प्रदेश अध्यक्ष जॉनमीरल मुण्डा भी आधा घंटे धरने में बैठ कर समर्थन दिया और मजदूरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि एसीसी कम्पनी में कुछ लोग एसीसी कारखाना को बर्बाद करने में लगे हुए हैं इसलिए मजदूरों की जायज माँग पर सभी ठेका मजदूरों को एक होना चाहिए। त्रिपक्षीय वार्ता में लिए गए फैसलो को जल्द लागू कराने के लिए प्रचार प्रसार किया जायेगा।

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