चिरिया माइंस धोबिल से मनोहरपुर,सारंडा प्रतिबंधीत वनक्षेत्र मार्ग पर हो रही है,मालवाहक वाहनो का परिचालन

चाईबासा।वनविभाग को गुमराह कर क़रीब 20 सालों से मनोहरपुर आयरन ओर मायंस(सेल)प्रबंधन और ठेका कंपनी प्रतिबंधीत सारंडा,धोबिल खदान क्षेत्र से मालवाहक वाहनो से लौह अयस्क की ढुलाई करते आ रहे है.जबकी धोबिल खदान से लौह अयस्क की ढुलाई पाथरबासा,मनोहरपुर साइडिंग सड़क मार्ग से किया जाना है.लेकिन उस मार्ग के बजाय धोबिल से पोडंगा जंक्शन भाया कोलभंगा,गेंडूम,मीनाबाज़ार होते हुए मनोहरपुर साइडिंग तक लौह अयस्क की ढुलाई बेखौप जारी है.क्षेत्र के लोगों की माने तो ठेका कंपनी के द्वारा अलबत्ता इस जंगली मार्ग पर भारी वाहनो को चलाने एवं मार्ग को सुगम बनाने के लिए उक्त मार्ग के दोनो ओर सैंकड़ों जंगली पेड़ों को भी काटा गया है.वनविभाग की अनदेखी से ठेका कंपनी के हौशले बुलंद है.

वहीं वनविभाग भी पूर्व से ही उस मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनो को चलाने के लिए सरकारी अनुमति देती आ रही है.इस ख़ुलासा का पता तब चला.जब धोबिल खदान की ओर जाने वाले मीना बाज़ार से पोडंगा जंक्शन तक उक्त सड़क निर्माण कार्य के लिए उस सड़क को बंद कर सड़क का निर्माण अती शीघ्र करने की बात सामने आई है. फ़िलहाल सड़क के बंद नहीं होने से उस सड़क निर्माण कार्य में बाधा पहूँच रही है। अंतर्गत मीनाबाज़ार से पोडंगा जंक्शन तक बनने जा रही सड़क निर्माण का मामला मेरे संज्ञान में आया है.चूँकि मेरे आने से पूर्व से ही धोबिल खदान से लौह अयस्क की ढुलाई लंबे अर्से से हो रही है.विभागीय जाँच पड़ताल करने के बाद ही अग्रेतर कारवाई की जाएगी.

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