चक्रधरपुर की जली महिला की मौत के मामले में हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जांच टीम पहुंची MGM अस्पताल की लापरवाई उजागर


चक्रधरपुर की एक जली हुई महिला की एमजीएम अस्पताल में मौत होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक टीम एमजीएम अस्पताल में जांच करने पहुंची।


चक्रधरपुर की रहने वाली 30 वर्षीय हीरामणि बालरा कि 18 फरवरी को एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी घटना का बारे में बताया जाता है कि हीरामणि का पति रंजन पूर्ति नशे के हालत में 14 फरवरी को किरासन तेल छिड़क कर आग लगा दी थी जिसमें वह गंभीर रूप से झुलस गई जिसके बाद स्थानीय एवं परिजनों ने उसे एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन एमजीएम अस्पताल में सही इलाज ना होने एवं लापरवाही के कारण बेड से बार-बार नीचे गिर जाने की सूचना अस्पताल प्रबंधन को देने के बावजूद इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई थी जिसके बाद उसकी मौत 18 फरवरी को हो गई जिसको लेकर एक सामाजिक संगठन ने रांची हाई कोर्ट में पीआईएल दर्ज कराया था जिसके आलोक में न्यायालय ने झालसा को 1 सप्ताह में पूरे घटनाक्रम की जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया जिसको लेकर रविवार को झालसा के सचिव नितेश कुमार सांगा सिटी मजिस्ट्रेट चंद्रदेव प्रसाद सिटी एसपी जमशेदपुर सुभाष चंद्र जाट जमशेदपुर और सरायकेला न्यायलय के वकील अमृता कुमारी एवं अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे जिन्होंने अस्पताल प्रबंधन से पूरी घटना क्रम की जानकारी ली जिसमें वकील अमृता कुमारी के अनुसार घटना की जांच में अस्पताल की लापरवाही उजागर हो रही है उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपी पति को जेल भेजा जा चुका है लेकिन अस्पताल इस मामले में पूर्ण रूप से दोषी पाया जाएगा तो इससे संबंधित लोगों पर कार्रवाई होना तय है।

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