प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय शिक्षकों /कर्मियों के लंबित वेतन का मामला विधानसभा में विधायक दीपक बिरुवा ने उठाया

चाईबासा। विधानसभा सत्र में तारांकित प्रश्न में चाईबासा के माननीय विधायक दीपक बिरुवा ने प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय के शिक्षकों के लंबित वेतन का मामला उठाया।
विधायक दीपक बिरुवा ने कहा कि राज्य में कुल 87 प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, जिसमें पश्चिम सिंहभूम जिले में 9 विद्यालय संचालित है।
श्री बिरुवा ने प्रश्न किया कि क्या यह सही है कि उक्त विद्यालय में प्रबंध समिति द्वारा नियुक्त 116 शिक्षाकर्मी कार्यरत हैं जो विभागीय परिपत्र संख्या 142 दिनांक 4/12/1989 के तहत उनकी सेवा को मान्यता प्राप्त है?

जिस पर विभाग द्वारा बताया गया कि वर्ष 1984-85 चरण के परियोजना विद्यालय के पूरे राज्य के 155 शिक्षकों तथा 135 शिक्षकेतर कर्मियों, कुल 290 कर्मियों जिसमें पश्चिम सिंहभूम जिले के मात्र 42 शिक्षक/शिक्षकेतर कर्मी सम्मिलित है इनको त्रि सदस्यीय आलम समिति की अनुशंसा, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित
विभिन्न न्यायादेश एवं विभागीय संकल्प संख्या 1272 दिनांक 25/04/2018 द्वारा निर्धारित नीति के आलोक में अब तक सेवा की मान्यता दी थी जा चुकी है।

वहीं दूसरे प्रश्न में विधायक दीपक बिरुवा ने कहा कि क्या यह सही मामला है कि विभागीय संकल्प संख्या 1272 दिनांक 25/04/2018 के आलोक में शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है?
इस बाबत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने बताया कि विभागीय संकल्प संख्या 1272 दिनांक 25/04/2018 वर्ष 1984-85 चरण के परियोजना विद्यालय के छूटे हुए वैध विकर्षक/ शिक्षकेतर कर्मियों की सेवा मान्यता हेतु नीति निर्धारण करते हुए नियमानुसार उनकी सेवा मान्यता एवं वेतनादि भुगतान की कार्रवाई की जा रही है।
विधायक श्री बिरुवा ने सदन में प्रश्न उठाया क्या यह सही बात है कि उक्त संकल्प के मामले में 5/09/2018 को उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय निर्णय में यह टिप्पणी की गई है कि विभागीय संकल्प पर आंशिक संशोधन कर वेतन भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करनी थी।
श्री बिरुवा ने कहा कि यदि उपरोक्त खंडों के उतर स्वीकारात्मक है तो क्या सरकार खंड 3 में वर्णित विभागीय संकल्प को आंशिक संशोधन कर वेतन भुगतान करने का विचार रखती है, यदि हां तो कब तक।

इस पर विभाग ने बताया कि वर्ष 1984-85 चरण के परियोजना विद्यालय के शिक्षक/शिक्षकेतर कर्मियों द्वारा अपनी सेवा मान्यता एवं वेतनादि भुगतान हेतु दायर 227 वादो को संबंद्ध करते हुए माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 05/09/2018 को न्यायादेश पारित किया गया है। जिसमें विभागीय संकल्प 1272 दिनांक 25/4/2018 में कतिपय संशोधन का न्याय निदेश भी पारित है।‌ उक्त पारित न्यायादेश के विरुद्ध विभाग द्वारा कुल 143 एलपीए माननीय झारखंड उच्च न्यायालय में दायर किया गया है, जिसमें न्यायादेश प्रतीक्षित है ‌

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