बीएड नामांकन मामले पर छात्र छात्राओं की आवाज बने विधायक दीपक बिरुवा

चाईबासा। बीएड नामांकन को लेकर छात्र छात्राओं की समस्या को चाईबासा के माननीय विधायक दीपक बिरुवा सदन में उठाते हुए सरकार से प्रथम साक्षात्कार के आधार पर आवंटित सूची के अनुरूप आवंटित संस्थान में ही नामांकन सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। विधायक दीपक बिरुवा ने कहा ग्रामीण परिवेश के छात्र छात्राएं विशेष कर एसटी एससी, गरीब जो आगे उच्च शिक्षा प्राप्त करने को कटिबद्ध है, लेकिन विभाग की तकनीकी दांव-पेंच में फंसकर आगे नहीं बढ़ पाते हैं। श्री बिरुवा ने सरकार से प्रथम साक्षात्कार के आधार पर आवंटित सूची के अनुरूप आवंटित संस्थान में ही नामांकन लेने और इस प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की।

मंगलवार को विधानसभा के अल्पसूचित प्रश्न में विधायक दीपक बिरुवा इस मामले पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से निम्न प्रश्न किए:-
विधायक दीपक बिरुवा ने प्रश्न किया कि क्या यह बात सही है कि झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद, झारखंड सरकार द्वारा बीएड पाठ्यक्रम के शैक्षणिक सत्र 2020-21 में नामांकन हेतु आयोजित प्रथम आनलाइन साक्षात्कार के आधार पर 15/2/21को औपबंधिक सीट आवंटन सूची जारी की गई थी।

वहीं माननीय विधायक श्री बिरुवा ने दूसरा प्रश्न किया कि क्या यह सही बात है कि उक्त औपबंधिक सूची को उप परीक्षा नियंत्रक झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद झारखंड सरकार के आदेश दर्शाया 19/10/21 को त्रुटिपूर्ण होने का जिक्र करते हुए नामांकन रद्द कर दिया गया। इस पर विभाग ने आंशिक स्वीकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि 15/2/21को झारखंड सरकार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के द्वारा द्वितीय आनलाइन साक्षात्कार के आधार पर जारी औपबंधिक सूची त्रुटिपूर्ण पाए जाने के कारण 19/2/21 को द्वितीय संशोधित आवंटन सूची जारी की गई थी तथा नामांकन के लिए पूर्व निर्धारित तिथि 20/2/21को बढ़ा कर 25/2/21 तक किया गया था।
श्री बिरुवा ने पुनः प्रश्न किया कि क्या यह सही है कि प्रथम साक्षात्कार के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को आवंटित संस्थान में दाखिला नहीं मिलने से हतोत्साहित है। इस सवाल पर विभाग ने अस्वीकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि इसमें किसी भी अभ्यर्थियों की मेधा का हनन नहीं होने का दावा कर रही है।

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