चाईबासा कोर्ट के अधिवक्ताओं ने पेशा कर का किया विरोध।

चाईबासा:- झारखंड वृत्तियों व्यापारो अजीविकाओ एवं रोजगार पर कर अधिनियम 2011 के अंतर्गत विभिन्न व्यापारो व आजीविकाओं एवं व्यवसायो पर पेशा कर कि देयत्ता स्थापित है। पर उसमें अधिवक्ताओं को शामिल किए जाने का जिला बार एसोसिएशन चाईबासा ने पुरजोर विरोध किया है। बुधवार को झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सदस्य सह जिला बार एसोसिएशन के मॉनिटर अधिवक्ता अनिल कुमार महतो की ने कहा कि वर्तमान में अधिवक्तागण आर्थिक चुनौती का सामना कर रहे हैं।

सरकार को इस और ध्यान देना चाहिए, उल्टे सरकार द्वारा वाणिज्य कर विभाग के माध्यम से बैठकों का आयोजन कर अधिवक्ताओं को पेशा कर से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जो सरासर गलत है बैठक में अधिवक्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता राजाराम गुप्ता ने कहा कि विगत 1 वर्ष से कोरोना को लेकर अधिवक्तागण आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा राज्य के अधिवक्ताओं के लिए कोई भी कल्याणनार्थ कार्य नहीं किया गया। अधिवक्तागण पेशा कर के दायरे में नहीं आते हैं। जबरन उन्हें इसके लिए बाध्य करना निंदनीय कार्य है। वही एडहॉक कमेटी के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभात नंदा चतुर्भुज कुमार बारीक के अलावा अधिवक्ता प्रदीप कुमार विश्वकर्मा आदि अधिवक्ताओं ने भी पैसा कर का विरोध किया।

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