मॉक ड्रिल के द्वारा सेल अधिकारियों एवं कर्मियों को दी प्रशिक्षण

भास्कर न्युज,चाईबासा। एनडीआरएफ ने सीआईएसएफ, सेल अधिकारियों तथा सेल कर्मियों को खदान क्षेत्र में घटी दुर्घटना में घायल सेल कर्मियों को कैसे प्राथमिक उपचार कर अस्पताल पहुंचाया जाए एक मॉक ड्रिल का आयोजन कर दी ट्रेनिंग। मॉक ड्रिल का आयोजन शुक्रवार को सेल के खदान क्षेत्र मैं किया गया। 9वीं बटालियन एनडीआरएफ टीम के कमांडर विश्व राजीव कुमार ने मॉक ड्रिल कर लोगों को ट्रेनिंग देते हुए कहा कि वैसे इस तिथि खदान क्षेत्र में घटी दुर्घटना में घायल मजदूरों को निकालने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी पड़ती है। सबसे पहले जिस जगह दुर्घटना हुई है वहां से 50 मीटर दूरी पर वेरीकेटेड लगा दे।

साथ ही दुर्घटना स्थल पर ज्यादा भीड़ भाड़ ना करें। घायल मजदूरों को स्ट्रेचर में उठाकर घायल मजदूरों के सबसे पहले रक्त स्राव को रोकना जरूरी है। उसे सावधानी पूर्वक घटना स्थल पर ही प्राथमिक उपचार कर उसे अस्पताल ले जाएं। मॉक ड्रिल के माध्यम से काफी चीजों की जानकारियां दी गई।साथ ही खदान क्षेत्र में लगने वाली आग को कैसे बुझाया जाए उसकी भी ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान सेल कर्मी गौतम पाठक, लाला ठाकुर तथा शत्रुघ्न उपाध्याय ने भी डेमो मॉक ड्रिल कर घायल मजदूरों को कैसे बचाया जाए और उसकी प्राथमिक उपचार कैसे की जाती है उसे ट्रेनिंग द्वारा दिखाया गया। इसमें एनडीआरएफ की ओर से टीम कमांडर विश्व राजीव कुमार व सीआईएसएफ की तरफ से डिप्टी कमांडेंट गोपाल दत्त पांडे एवं सीआईएसएफ के जवान और सेल की तरफ से मुख्य महाप्रबंधक विपिन कुमार गिरी तथा सेल कर्मियों ने भाग लिया।

साथ ही टिस्को फायर से अग्निशामक गाड़ी से आग पर कैसे काबू किया जाए उसकी ट्रेनिंग दी गई। एनडीआरएफ की तरफ से टीम कमांडर विश्व राजीव कुमार ने डिसास्टर मैनेजमेंट और एनडीआरएफ की कैपेबिलिटी के बारे में भी बताया। इस दौरान सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट गोपाल दत्त पांडे ने जानकारी दिया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम कर रही विभिन्‍न एजेन्सियों के बीच परस्‍पर समन्‍वय तथा कार्यक्षमता को और बढाना है ताकि वास्तविक आपदा के दौरान जानमाल के नुकसान को रोका जा सके।

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