सेंट्रल गुरुद्वारा कमिटी के विवाद एक बार फिर गरमाया एक दूसरे पर लगाया आरोप, एक पक्ष ने दिया धरना

जमशेदपुर के सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है दोनों पक्ष अपना अपना अधिकार कह एक दूसरे पर आरोप लगा रहे है इसी के तहत एक पक्ष में आज सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी कार्यालय के सामने धरना पर बैठ गए।

सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी प्रधान पद से निष्कासित होने के बाद गुरमीत सिंह मुखे दोबारा काबिज हो जाने से विवाद उत्पन्न हो गया जो अब थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले दिनों भी गुरमुख सिंह मुखे और गुरुचरण सिंह बिल्ला एक दूसरे पर अपराधी होने का आरोप लगाते हुए गुरुद्वारा में जमकर हंगामा किया था, जो थमने का अब नाम नहीं ले रहा है. एक बार फिर गुरमीत सिंह मुख्य के सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी कार्यालय में मौजूद होने की जानकारी मिलने के बाद बिल्ला के समर्थकों ने कार्यालय पहुंचकर विरोध किया. उनका आरोप है कि गोली चालन के घटना के बाद पुलिस ने उसे मुख्य आरोपी मानते हुए जेल भेज दिया था. लेकिन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरमुख सिंह मुखे प्रधान पद पर दावा करते हुए काबिज हो गए हैं जो सीजी पीसी के नियम का अवहेलना है. जिसके विरोध में सिख संगत कमेटी कार्यालय के समक्ष धरना देकर विरोध जता रहे हैं. वैसे प्रशासन द्वारा कोरोना गाइडलाइन का हवाला देने पर सिख संगत कुछ घंटे बाद ही धरना को समाप्त कर दिया.

गुरमुख सिंह मुखे ने बिल्ला समर्थकों पर कार्यालय में जबरन घुसकर हंगामा करने एवं कमेटी के सदस्यों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है. मुखे ने कहा की जो लोग गुरु के शिष्य होने का बात करते हैं, वे लोग न्यायालय और गुरु पर विश्वास क्यों नहीं करते उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन लोगों को न्यायालय पर विश्वास नहीं है तो उनके खिलाफ न्यायालय में अपराधी होने का सबूत पेश कर सजा करवा दे. लेकिन बेवजह आरोप लगाकर कार्यालय में हंगामा करना और सदस्यों के साथ मारपीट करना न्यायसंगत नहीं है वे इसके खिलाफ मामला दर्ज कराएंगे।

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