अशिक्षा श्रमिकों के विकास में सबसे बड़ी बाधा


केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार) क्षेत्रीय निर्देशालय जमशेदपुर के तत्वधान में खरसावां प्रखंड के अंतर्गत देवली गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय भवन में”दो दिवसीय अनुसूचित जाति श्रमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम “का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बोर्ड के शिक्षा पदाधिकारी श्री राजकिशोर गोप ने विधिवत दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि जागरूकता के बिना श्रमिकों कासामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक विकास कतई संभव नहीं है। जागरूकता के आभाव के कारण असंगठित तथा ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिक केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह रहे हैं। आगे श्री गोप ने ग्रामीण श्रमिकों में व्याप्त गरीबी, बेरोजगारी तथा नशाखोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अशिक्षा के कारण इस प्रकार की ज्वलंत सामाजिक समस्याएं श्रम जगत में व्याप्त है जिससे श्रमिकों के जीवन में कोई गुणात्मक परिवर्तन नहीं हो पा रहा है। आगे श्री गोप ने वैश्विक महामारी कोरोना पर ध्यानकृष्ट कराते हुए इस खतरे से लोगों को आगाह किया एवं मास्क, सेनिटाइजर का नियमित प्रयोग तथा सामाजिक दूरी बनाकर रहने का सलाह दिया। आगे उन्होंने कोरोना वेक्सीन आने पर लोगों को लेने की अपील की तथा इससे संबंधित गलत अफवाह से बचने की बात कार्यक्रम में उपस्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री मिलन कुमार महतो ने बोर्ड के द्वारा आयोजित श्रमिक जागरूकता कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम में बोर्ड के समन्वयक श्री हेमसागर प्रधान ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, बचत योजना, आयुष्मान भारत योजना, लेबर कार्ड बनाने की प्रक्रिया, उज्जवला योजना आदि के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में 40 अनुसूचित जाति वर्ग के महिला एवं पुरुष श्रमिकों ने भाग लिया। बोर्ड की ओर से उन्हें 2 दिन का भत्ता ₹500 डीबीटी योजना के तहत उनके बैंक खाते में प्रदान किया जाएगा।


इस कार्यक्रम को सफल बनाने में देवाशीष ग्वाला, सुजीत नायक, गणेश रविदास, बिंदु नायक, दयमंती नायक, सुलो नायक, सुरेंद्र बानरा आदि का सराहनीय योगदान रहा।

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