
पोटका: आदिवासी बहुल क्षेत्र पोटका जहां एक ओर धीरे-धीरे एजुकेशन हब के रूप में उभर रहा है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की कमी विकास की रफ्तार पर सवाल खड़े कर रही है। निजी शिक्षण संस्थानों की बढ़ती संख्या के बावजूद ग्रामीण इलाकों में सड़क व्यवस्था अत्यंत दयनीय बनी हुई है।
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इस संबंध में स्थानीय ग्रामीण अनिल सरदार ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि तेतला पंचायत से बड़ा बंधवा को जोड़ने वाली सड़क का वर्षों से निर्माण लंबित है। सड़क नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह प्रशासन की शिथिलता को दर्शाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस सड़क के निर्माण के लिए हस्ताक्षरयुक्त आवेदन उपायुक्त को सौंपा जा चुका है, साथ ही स्थानीय विधायक की अनुशंसा भी मिल चुकी है। इसके बावजूद अब तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
हालांकि इस मार्ग पर कई गांवों को जोड़ने के लिए पुलिया का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन सड़क के अभाव में इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। इसी मार्ग पर एक स्कूल भी स्थित है, जहां रोजाना सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है। स्कूल बस और भारी वाहन जैसे डंपर भी इसी रास्ते से गुजरते हैं।
बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़क पर जलजमाव और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण चलना मुश्किल हो जाता है। दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्कूल प्रबंधन और ग्रामीण मिलकर पत्थर और मिट्टी डालकर सड़क को अस्थायी रूप से ठीक करने का प्रयास करते हैं, लेकिन भारी वाहनों के कारण सड़क फिर से खराब हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से वे इस सड़क के निर्माण का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में शिक्षा और आवागमन दोनों को सुगम बनाया जा सके।
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