
झारखंड सरकार द्वारा होल्डिंग टैक्स में 15 से 20% की वृद्धि किए जाने का जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री झारखंड सरकार के नाम ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से सौंपी है इसे लेकर पार्षद अनिल मोदी ने कहा कि 3 वर्ष पूर्व भी होल्डिंग टैक्स मे वृद्धि की थी जिसका जनता सड़क पर उतरकर विरोध करने के बाद इसे वापस ले लिया गया था लेकिन दोबारा बढ़ोतरी करते हुए एक अप्रैल से लागू किया जाना न्याय संगत नहीं है. उन्होंने कहा कि फरवरी माह में पूरे झारखंड में तीनो इकाइयों का चुनाव हुआ था इसमें सभी जनप्रतिनिधि विकास के कार्य में जुटे हैं ऐसे में होल्डिंग टैक्स में वृद्धि किया जाने से आम जनता प्रतिनिधियों को दोषी मान रहे हैं, जबकि नगर परिषद क्षेत्र में नागरिक सुविधा बेहतर नहीं है वही गली और मोहल्ला के आधार पर समान आकार के भवनो पर अलग-अलग होल्डिंग टैक्स लागू किया गया है जो की वैज्ञानिक तौर पर न्याय संगत नहीं है. वैसे तो सरकार की ओर से 15 से 20% की विधि की गई है लेकिन जनता जब उसका मापदंड निकाल रही है तो उन्हें 2 गुना राशि देना निर्गत हो रहा है ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवार और छोटे व्यापारियों को आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ेगा. वही उपाध्यक्ष अर्चना दुबे ने कहा कि सरकार के इस तरह के टैक्स बढ़ोतरी किए जाने के कारण उन्हें क्षेत्र में जाकर काम करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जनता उनसे सवाल जवाब कर रही है ऐसे में विकास कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है इसलिए जुगसलाई नगर परिषद के सभी जनप्रतिनिधि सरकार से इस बढ़ाए गए टैक्स पर पूर्ण विचार कर इसे वापस लिया जाय.
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